साईं बाबा के अनमोल वचन

साईं के अनमोल वचन
  1. अगर आप अपने घर में मिल जुलकर प्रेम से रहते हैं, तो आपका घर स्वर्ग के समान हो जाता है।
  2. यहां सिर्फ एक ही जाति है, मानवता की जाति। एक ही धर्म है, प्रेम का धर्म। केवल एक ही भाषा है, हृदय की भाषा।
  3. जो बोओगे, वही काटोगे, इसलिए अच्छे कर्म करो। मोह माया के जाल में मत फंसो। अच्छे मार्ग पर चलते रहो, तुम्हारा कल्याण होगा।
  4. हमारा जीवन बर्फ के एक टुकड़े की तरह है, जो हर पल पिघल रहा है। इससे पहले की वो खर्च होता जाये, उसे दूसरों की सेवा में लगा दो।
  5. आप एक व्यक्ति नहीं है, बल्कि आप तीन हैं; पहला जो आप सोचते हैं कि आप हैं, दूसरा जो दूसरे सोचते हैं और तीसरा जो वास्तव में आप हैं।
  6. मिलना-बिछड़ना तो जिंदगी का दस्तूर है, हम सब जानते हैं। फिर भी इंसान जब किसी को अपने दिल में जगह देता है, तो उससे बिछड़ते समय इंसान का दिल रोता है।
  7. दीपक अपने अंत तक दूसरों के लिए जलता है और दूसरों की जिंदगी को प्रकाशित करता है। अंधेरे में रास्ता दिखाता है और जो रात के अंधेरे में काम करता है, उसको आगाह करता है कि ये मैं देख रहा हूं।
  8. जीवन एक गीत है, इसे गाओ। जीवन एक खेल है, इसे खेलो। जीवन एक चुनौती है, इससे मिलो। जीवन एक सपना है, इसे साकार करो। जीवन एक यज्ञ है, इसे अर्पित करों। जीवन प्रेम है, इसका आनंद लो।
  9. दीपक अपने अंत तक दूसरों के लिए जलता है और दूसरों की जिंदगी को प्रकाशित करता है। अंधेरे में रास्ता दिखाता है और जो रात के अंधेरे में काम करता है, उसको आगाह करता है कि ये मैं देख रहा हूं।
  10. एक घर की नींव ठोस होनी चाहिए, अगर इसे लंबे समय तक टिका रहना है तो। वही सिद्धांत मनुष्य जीवन पर भी लागू होता है, वरना वह भी नरम जमीन में डूब जायेगा और भ्रम की दुनिया में बर्बाद हो जाएगा।

साभार: SAI Jitu Ghosh

© साईं तेरी लीलाMember of SaiYugNetwork.com

Share your love
Default image
Hetal Patil
Articles: 18

Leave a Reply