भक्त के अनुभव – जेन

साईं बाबा का उनके भक्तों को उनके पास खींचने का तरीका काफी अलग है। पहले उनके भक्तों को उनके बुरे कर्मो के बुरे परिणाम भुगतने पड़ते है और फिर वो अपने भक्तो को उनके पास बुलाते हैं। मुझे उनका तरीका पसंद है क्योंकि जब तक हम किसी चीज के लिए पीड़ित नहीं होते, हम ईश्वर के वास्तविक मूल्य को महसूस करने में सक्षम नहीं होते और साईं भक्तों को भी यही अनुभव होता है। सच्चे साईं भक्त को , मेरी राय में, बोहत परेशानियों का सामना करना पड़ा होगा और फिर आखिर कार वो साई बाबा के शरण में आते होंगे। साईं बाबा, जो अपने भक्तों के ही भक्त हैं, वो अपने अनोखे तरीके से भक्तो की मदद करते हैं। वह अपने भक्तों के साथ ऐसे संबंध बनाते हैं कि भक्त उन्हें कभी नहीं भूलते और बाबा को एक मिनट के लिए भी नहीं छोड़ते । बाबा अपने भक्तो को किसी न किसी तरह खुद की याद दिलाते हैं और उनकी उपस्थिति महसूस करते हैं। यद्यपि यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है, पर मैं इसे सभी साईं भक्तों के लिए समान मानती हूं चाहे वो शिरडी में रहने वाले, या चाहे भारत के किसी भी हिस्से में और दुनिया के किसी भी कोने में।

मैं इस ब्लॉग के शुरू करने के बाद भारत और विदेश से कई भक्तों के साथ संपर्क में आई और बाबा के प्रति उनके अनुभवों और भावनाओं के बारे में जान सकी। उनमें से ज्यादातर मेरे जैसे थे। यहां तक कि इनमे से कई सारे लोग मेरे इतने करीबी आ गए हैं कि मैं उन्हें अपने परिवार के सदस्यों के जैसे मानती हूँ, या फिर यह कहना उचित होगा कि वे साई परिवार के सदस्य हैं। मैं उन लोगो से जल्द से जल्द मिलना चाहती हूँ। मुझे यहां अब विराम करके इस पोस्ट की मुख्य बात पर आना चाहिए।

मुझे साई भक्ति जेन की तरफ से एक इ-मेल मिला है और उन्होंने साईं बाबा के बारे में अपना अनुभव साझा किया है, जिसे वह साईं का चमत्कार कहती हैं। नीचे जेन जी के अनुभव को कॉपी पेस्ट किया गया है जो उन्होंने मुझे भेजा था ।

ॐ साई राम

मैं एक अनुभव को आपके साथ बाँटना चाहूंगी। मुझे नहीं पता कि इसे एक चमत्कार कहना उचित होगा या नहीं। जैसा कि हर कोई जानता है कि दुनिया भर की अर्थव्यवस्था बहुत खराब चल रहा है। मेरा व्यवसाय भी उससे बोहत प्रभावित हुआ। कंपनी में कम पैसे आने के कारण और कंपनी को चलाये रखने के लिए ऋण बढ़ते गए। इन सब चीजों ने मुझे बहुत प्रभावित किया है और मेरे पति के साथ मेरा रिश्ता भी बहुत तनावपूर्ण होता गया। ऐसे भी दिन गए जब हम दोनों ने एक दुसरे से बात तक नहीं की । मैं बहुत रोती थी और यह सोचकर मुझे नींद भी नहीं आती थी कि कर्मचारियों के वेतन, ऑफिस का किराया, बिजली और टेलीफोन बिल इत्यादि के पैसो का भुगतान कैसे होगा ।

पिछले हफ्ते, मुझे एक ट्रैवल कंपनी का भुगतान(पेमेंट) करना था जो की पिछले एक महीने से बाकि था । वह लगातार फोने किये जा रहा था और हर बार मैं कहती थी कि मैं बाद में या अगले दिन दूंगी और हर बार मैं उसके पैसे नहीं दे पति थी । हम इस ट्रैवल एजेंट को काफी पहले से जानते थे, उसे दूसरों की कहानियां बढ़ा चढ़ा कर बोलने की आदत थी। इसीलिए मैं उसे नहीं बता सकती थी कि मेरा व्यवसाय खराब चल रहा है और मैं उसे पैसे नहीं दे पाऊंगी वरना हमारे कंपनी का नाम खराब हो सकता है। ट्रैवल एजेंट ने मुझे सोमवार को फिर से फ़ोन किया । मैंने उसे बताया कि मैं उसे मंगलवार को पैसे दूंगी क्योंकि मैं ऑफिस में नहीं हूं। मंगलवार की सुबह सुबह 10.00 बजे उसने फ़ोन किया , लेकिन मैंने उसके कॉल का जवाब नहीं दिया, क्योंकि मेरे पास भुगतान के लिए कोई पैसा नहीं थे और मुझे पता नहीं था मैं उससे क्या कहू क्यूंकि मैं पहले ही कई बार बहने बना चुकी थी।जब फोन बज रहा था तो मैं बाबा से प्रार्थना कर रही थी कि मुझे पता नहीं कि मैं क्या करू। उसी समय मेरा स्टाफ आया और उसने मुझे पैसे देकर कहा की हमारा एक मौजूदा ग्राहक है जो हमारी सेवा को फिर से सक्रिय करना चाहता है। मैं बहुत खुश हुई और तुरंत ही मैंने बाबा को धन्यवाद् किया और उसी वक़्त ट्रैवल एजेंट को बिल का भुगतान भी कर दिया ।

और 2 घटनाएं है। मैंने अपने कुछ गहने को गिरवी रखे थे उस दुकान की महिला ने मुझे फ़ोन करके याद दिलाते हुए कहा कि गहने छुड़ाने के लिए नियत तारीख सोमवार 14/7/2008 है। यह $ 7000 की बात है। मेरे पास पैसे भी नहीं थे पर मैं ब्याज को देकर और अगले 6 महीनों के लिए समय सीमा बढ़ा सकती हूं। पर ब्याज भी $ 950 था और मेरे पास उतने भी पैसे नहीं थे और मैं गहने खोना नहीं चाहती थी। मैंने बाबा से प्रार्थना की और तुरंत ही बाबा ने मेरी मदद की। फिर एक ग्राहक हमारी सेवा संलग्न करने आया और मैंने अगले 6 महीने के लिए ब्याज का भुगतान किया और समय सीमा को बढाया।

एक और घटना शनिवार 12/7/08 की है उस दिन मैं घर पर थी। मैं शनिवार को काम नहीं करती , मैं रोते हुए बाबा से कह रही थी कि मेरे पास कोई और नहीं है आपके सिवा क्योंकि मेरा कोई दोस्त भी नहीं है और मेरा अपने पति के साथ मुश्किल समय चल रहा है और मैं उनसे पैसे की बात भी नहीं कर सकती वरना हम फिर से झगड़ने लगेंगे । मैंने बाबा से कहा कि मुझे 6,000 डॉलर की जरूरत है और मैंने एक पोस्ट डेटेड चेक $5,080 किसी को दिया है जो 15/07/08 (मंगलवार) को क्लियर होगा और आज शनिवार है और मेरे पास बैंक में पैसे भी नहीं है। इतने में ही एक चमत्कार हुआ। मेरे पति ऑफिस से वापस आए, मैंने उन्हें बताया कि मंगलवार को एक चेक क्लियर होगा। मेरे पति ने मुझे एक आश्चार्य की बात बतायी कि एक ग्राहक ने हमारी सेवाएं 7,000 डॉलर में ले ली है। मैं बहुत खुश हुई और मैं समझ गयी कि बाबा मेरे साथ हैं।



© Sai Teri LeelaMember of SaiYugNetwork.com

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