साईं अमृत वाणी – अध्याय 5

साईं अमृत वाणी - अध्याय 5

साई करुणा

जिस घर या मंदिर में साईं जी की पूजा होता हैं, साईं आपकी करुणा से सबकी बिपदा टली, साईं आपके चिंतन से हर दुःख की रैना ढली जय हो साईं बाबा, जय हो साईं बाबा।

साईं आपकी शक्ति की ज्योति हर एक मन में हैं, आपके नाम की सुगंध तो कण कण में हैं। जिनकी सांसों मैं आपकी नाम की माला फेरे उनकी नैया कभी भी भंवर मैं ना घिरे।

साईं आपके समक्ष बलाओं की एक ना चली जय हो साईं बाबा,जय हो साईं बाबा।

साईं नाम की शक्ति हर एक भक्तों के पास हैं, भक्तों का बहुत बिस्वास हैं साई आप पर, आपकी पूजा से ही घर के अंधकार मिटे, और दुःख की काली छाया भी दूर भागे।

साईं आप हो राजाओं के राजा शिरडी के साईं महाराजा जय हो साईं बाबा, जय हो साईं बाबा।

साईं आपका सुमिरन ही दुष्कर्म करने से बचाता हैं हमें, साईं सच्चरित्र का पाठ हर सुख दिलाता हैं सभी भक्तों को।

साईं आपके निर्दोष चरणों की धूल मिल जाय तो पतझार में भी कलियाँ खुशी की खिले।

साईं आपकी पगधुली तो हैं चंदन से भी भली, जय हो साईं बाबा, जय हो साईं बाबा।।

साभार: SAI Jitu Ghosh

© साईं तेरी लीलाMember of SaiYugNetwork.com

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Hetal Patil
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