साईं भक्त प्रशांत: जुड़वाँ इंद्रधनुष के रूप में साईं बाबा का एक और अनुभव

Hindi Blog of Sai Baba Answers | Shirdi Sai Baba Grace Blessings | Shirdi Sai Baba Miracles Leela | Sai Baba's Help | Real Experiences of Shirdi Sai Baba | Sai Baba Quotes | Sai Baba Pictures | http://hindiblog.saiyugnetwork.com/

साईं बाबा का हर कार्य अनूठा है। लीलाओं को निभाने का उनका तरीका हमारी तार्किक सोच से परे है। यहाँ मैं एक ऐसी घटना से रूबरू हुआ, जो कुछ दिनों पहले हमने पढ़ी थी। पाठकों को जुड़वा इंद्रधनुष के रूप में दिखने वाले साईं बाबा से संबंधित एक पोस्ट याद आ रहा होगा ।

आगे की घटना, प्रशांत जैन की है, जो भारत से हैं|

साई राम!!

शिरडी से पुणे आते समय मुझे भी यही अनुभव हुआ।

2 जून 2008 को, मैंने और मेरे माता-पिता ने शिरडी का दौरा किया। हम दो दिन वहाँ रहे। 3 जून को दोपहर 2 बजे हम पुणे के लिए बस में सवार हुए। रास्ते में, आकाश आंशिक रूप से काले बादलों से छाया हुआ था जो भारी बारिश का संकेत दे रहा था। कुछ क्षेत्र काले बादलों से ढंके हुए थे जबकि दूसरे हिस्सों से धूप मिल रही थी। यह माँ पृथ्वी की हरियाली को करीब लाने वाला खूबसूरत दृश्य था।




इस बीच, मैं बाबा के दर्शन और भजन के प्यारी यादों में खो गया, जो मैंने समाधि मंदिर में बाबा की संध्या आरती में सुना था।

उस समय मैं आकाश में अपने साईबाबा की तलाश कर रहा था और अचानक मैंने दो इंद्रधनुष देखे। एक रंग में बहुत फीका था और दूसरा पूरे स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। वे दोनों एक दूसरे के ऊपर मौजूद थे ।

यह देखकर मुझे एहसास हुआ कि बाबा मेरे साथ हैं। जैसा कि मैं आकाश में उन्हें खोज रहा था, बाबा ने इस जुड़वां इंद्रधनुष के दर्शन के साथ उनकी उपस्थिति को प्रदर्शित करते हुए मेरी इच्छा को स्वीकार किया।

बाद में हमने अपने रास्ते में आंधी और तूफान का सामना किया। हर जगह तेज बिजली थी और तेज हवाओं से पेड़ उखड़ रहे थे। बस में हर कोई डर गया, इस आंधी को रोकने के लिए साईनाथ महाराज से प्रार्थना की। जैसा कि वास्तव में कहा जाता है कि “जाको राखे साईयां, मार सके ना कोई”, हम सभी, रात में सुरक्षित रूप से पुणे पहुंच गए।

हम बाबा की अपार कृपा से अपने घर सुरक्षित पहुँच गए। इलाके में कोई बिजली नहीं थी। लेकिन उनकी कृपा से हमें अपने निवास स्थान के लिए स्थानीय बस मिल गया । इस अनुभव को भेजने के लिए बाबा का धन्यवाद।

© Sai Teri LeelaMember of SaiYugNetwork.com

Share your love
Default image
Hetal Patil Rawat
Articles: 113

Leave a Reply