Tuesday, August 14, 2018

साई भक्त संतोष: बाबा की कृपया से पहुंचे शिर्डी

Devotee Experience - Santosh से अनुवाद
साईं लीला मैगज़ीन से शिर्डी साईं बाबा की एक और छोटी सी लीला
मार्च 2007 में, हम चार मित्र ने, शेगांव में गजानन महाराज के दर्शन करने के बाद शिर्डी जाने का तय किया। हम लगभग 11.30 बजे रात में कोपरगाँव पहुंचे, लेकिन इतनी रात को ऑटो से शिर्डी जाना ठीक नहीं लगा, इसलिए ऑटो ड्राईवर ने हमें कोपरगाँव बस स्टेशन छोड़ा और कहा कि हमें रात्रिकालीन बस मिल जाएगी। लगभग आधे घंटे तक इंतज़ार करने के बाद हमने पूछताछ की तो पता चला कि सड़क का काम चल रहा है, इसलिए बस अनिश्चित काल के लिए देर हो सकती है ।
मेरे मित्र पहली बार शिर्डी जा रहे थे, इसलिए वे सभी जल्दी शिर्डी पहुँचने को उत्सुक थे। मैं उन सभी को धैर्य रखने को कह रहा था, साथ ही पूरे समय बाबा से प्रार्थना भी कर रहा था। तभी दो बस एकसाथ आ पहुंची। मेरे मित्र तो ख़ुशी से झूम उठे और हम सुबह 1.30 बजे शिर्डी पहुँच गये। हमने जी-भरकर बाबा के दर्शन किये और 2 दिन शिर्डी में रहे ।

बाबा हमेशा अपने भक्तों की प्रार्थना सुनते हैं। हमने भी उनकी कृपा का अनुभव पाया और हमारा विश्वास उनमें प्रगाढ़ हुआ ।

आखिर में भक्त को बाबा के शब्द याद आये
जैसा विश्वास होगा, वैसा फल मिलेगा"।
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Translated and Narrated By Rinki Transliterated By Supriya


© Sai Teri Leela - Member of SaiYugNetwork.com

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