Shirdi Sai The Saviour

[Shirdi Sai - Saviour of all][bsummary]

Shirdi Sai - The Great Healer

[Shirdi Sai - The Great Healer][bigposts]

Character Sketch Of Devotees

[Character Sketch Of Devotees][twocolumns]

साईं भक्त राखी: बाबा ने कठिन परिस्तिथि से बाहर निकला

Advertisements
Hindi Blog of Sai Baba Answers | Shirdi Sai Baba Grace Blessings | Shirdi Sai Baba Miracles Leela | Sai Baba's Help | Real Experiences of Shirdi Sai Baba | Sai Baba Quotes | Sai Baba Pictures | http://hindiblog.saiyugnetwork.com
साईं भक्त राखी कहती हैं: 2006 के मध्य में मैं और मेरे पति सिंगापुर में स्थानांतरित (शिफ्ट) हुए थे और हमें विश्वास था कि हम वहाँ बहुत ही अच्छा जीवन व्यतीत करेंगे। लेकिन जब हम वहाँ पहुँचे तो हमें बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्यूंकि पहले 6 महीनों में मेरे पति कुछ भी नहीं कमा पाएँ थे और हर महीने के हमारे खर्चे काफी थे। हर दिन हमारा झगडा होता और मैं लगभग हर दिन रोती थी। मेरे घर पर एक दिन मुझे श्री साईं सच्चचरित्र की पुस्तक मिली।

दरअसल 2005 में जब हम शिर्डी साईं बाबा के मंदिर गए थे यह पुस्तक हमने तब खरीदी थी। उस समय मैं साईं बाबा की दृढ़ भक्त नहीं थी। पर जब यह पुस्तक मुझे सिंगापुर के घर में मिली तो मैंने इसे पढ़ना शुरू किया और साईं बाबा की कृपा से मुझे कुछ चमत्कारों का अनुभव हुआ।

धीरे-धीरे हर चीज हमारे पक्ष में होने लगी और मैंने 6-7 बार अपने सपनों में साईं बाबा को देखा। जब भी मैं उदास होती हूं तब साईं बाबा मेरे सपने में आते हैं और कुछ ऐसा करते हैं जिससे मुझे महसूस हो की वो मेरे साथ हैं। केवल एक बार नहीं मैंने और मेरे पति ने 6-7 बार साईं बाबा का चमत्कार देखा।

एक बार अहंकार के कारण मैंने किसी से कहा कि हम बहुत से दान करते हैं। और यह कहने के बाद अचानक मुझे एहसास भी हुआ कि मैंने गलती की है। उसी दिन साईं बाबा ने मेरे सपने में दर्शन दिए और मुझे डांटा और कहा कि भगवान ने तुम्हें दिया है, तुम्हारे पास तुम्हारा कुछ भी नहीं है। मुझे सच में अपनी हरकतों पर बुरा लगा। मैं दिल से महसूस करती हूं कि साईं बाबा सभी के साथ हैं, यहां तक कि उन लोगों के भी साथ है जो सिर्फ एक बार प्यार से उनके बारे में सोचते हैं।

हे साईं, अपनी कृपा की वर्षा हम सब पर करते रहें।


© Sai Teri Leela - Member of SaiYugNetwork.com

No comments:

Post a Comment