Shirdi Sai The Saviour

[Shirdi Sai - Saviour of all][bsummary]

Shirdi Sai - The Great Healer

[Shirdi Sai - The Great Healer][bigposts]

Character Sketch Of Devotees

[Character Sketch Of Devotees][twocolumns]

साईं भक्त आरती: साईं बाबा ने सभी समस्याओं का समाधान किया

Advertisements
Hindi Blog of Sai Baba Answers | Shirdi Sai Baba Grace Blessings | Shirdi Sai Baba Miracles Leela | Sai Baba's Help | Real Experiences of Shirdi Sai Baba | Sai Baba Quotes | Sai Baba Pictures | http://hindiblog.saiyugnetwork.com/
Sai Baba Solved All Problems - Experience of Arti से अनुवाद

शिरडी साईं बाबा के भक्त का एक और अद्भुत और दिल को छूने वाला अनुभव। मेरे दिल को छू जाने वाली बात - एक बहन की, अपने भाई के प्रति प्यार और स्नेह।

मैं हमेशा साईं बाबा के बारे में अपनी अनुभव लोगों के साथ बांटना चाहती थी, लेकिन किसी न किसी समस्या के कारण मैंन विचार छोड़ देती थी|

मैं बचपन से ही बाबा की पूजा कर रही हूं क्योंकि साई मंदिर मेरे घर के ठीक बगल में है। मैं साई मंदिर का नियमित दर्शन कर रही हूं। हालाँकि, बचपन में, मैंने कभी भी बाबा के कहानियों के बारे मे कभी नहीं सुना, पृथ्वी पर उनके जन्म के बारे में, या आशीर्वाद के बारे मे, कुछ भी नहीं सुन था, बस उन्हें अन्य देवताओं के रूप में मंदिर में पूजा करती थी। धीरे-धीरे जब मैं ईश्वर के बारे मे जानने लगी तब मुझे साई बाबा के बारे में पता चला।

मेरे दोस्त या रिश्तेदार काफी बार शिरडी आते जाते थे लेकिन मेरे दिमाग में शिर्डी जाने की बात कभी नहीं आई। एक दिन जब मैं ऑफिस में अपने सहकर्मी से बात कर रही थी, तो वह शिरडी जाने की योजना बना रही थी। पता नहीं क्यों पर मुझे जलन महसूस हुई और शाम को बाबा से कहा "तुम मुझे क्यों नहीं बुला रहे हो, कभी मुझे भी बुला लो"| एक हफ्ते के अंदर मेरे माता-पिता के एक करीबी रिश्तेदार ने मेरी माँ से पूछा, "क्या आरती हमारे साथ शिर्डी आएगी?" मैं उस परिवार के साथ बहुत करीब नहीं हूं, पर अचानक मैंने हाँ कह दिया । तो इस तरह से, शिर्डी की मेरी पहली यात्रा साईं बाबा के कृपा द्वारा हुई, जो कि बहुत अनिश्चित थी और कभी भी उम्मीद नहीं की गई थी। उन्होंने वास्तव में मुझे सिर्फ एक अनुरोध पर बुलाया, साईं बाबा को धन्यवाद।

शिरडी की मेरी यात्रा बहुत ही अद्भुत और कमाल की थी। बाबा ने मुझे दर्शन दिए और मुझे बहुत सारा प्यार दिया| साईं बाबा का धन्यवाद।

पिछले साल जून 2007, मेरा छोटा भाई सीपीएल प्रशिक्षण के लिए यूएसए जा रहा था। वो हुमसे 5 साल छोटा था और हम बहुत चिंतित थे, हमारे लिए उसे किसी अज्ञात देश में भेजना कठिन था।

30 दिसंबर, 2007 तक सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था। वह वहाँ मजे मे था। 31 दिसम्बर 2017 को एक बड़े हादसे मे उसका एक हादसे मे बाएं हाथ का ऑपरेशन करना पड़ा । उसके हाथ मे दो हड्डियों में फ्रैक्चर हो गया था।

उसके बाएं हाथ का ऑपरेशन एक बार पहले ही कर दिया गया था, जब वह 13 साल का था और फिर से उन्हीं हड्डियों में फ्रैक्चर हो गया था। मेरे माता-पिता को इसकी जानकारी नहीं थी, हमने उन्हें नहीं बताया। मेरे पिताजी बहुत ही संवेदनशील हैं और इसे सहन नहीं कर सकते। इसलिए मैंने उनको नहीं बताने का फैसला किया। मैंने बाबा से अपने भाई और परिवार की देखभाल करने की प्रार्थना की। हम असहाय थे। पता नहीं क्या करना है| पूरी तरह से नियंत्रण खो दिया था और फिर बाबा ने हमारी मदद की। उनके दोस्त बहु मददगार थे और एक दीदी (वह एरिज़ोना, संयुक्त राज्य अमेरिका के निवासी थे) न भी बहुत मदद की। वे उसे अस्पताल ले गए, उसका ऑपरेशन करवाया| बाबा ने उसे आशीर्वाद दिया और हमको सहारा दिया। साईं बाबा को धन्यवाद।

अब, दो महीने हो गए, मेरा भी बेकार बैठा था और वहाँ कुछ भी नहीं कर रहा था, न तो उड़ रहा था और न ही कॉलेज जा रहा था| फरवरी 2008. वह पूरी तरह से डिप्रेशन में था और प्रशिक्षण में शामिल होने और पूरा करने और वापस भारत आने के लिए चाहता था, लेकिन कॉलेज के संकायों ने उड़ान को शेड्यूल नहीं कर रहे थे किसी न किसी कारण से उनके अपने मुद्दे थे फिर से हम सभी बहुत तनाव में थे मेरे पिताजी उससे बार-बार पूछ रहे थे, आप क्यों नहीं उड़ रहे हो, क्या हुआ और हम दोनों कहते थे कि मौसम की स्थिति के कारण वह समस्याओं या अन्य झूठे कारणों का सामना कर रहा है| पिताजी भी काफी स्मार्ट हैं, वह विभिन्न तरीकों और साधनों के माध्यम से यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि क्या हो रहा है, कभी-कभी माँ के साथ, मैं, भाई, चूँकि वह भी चिंतित था और पिताजी वास्तव में उससे बहुत ज्यादा जुड़े हुए थे| यहाँ मेरी माँ भी मेरे परिवार के लिए एक बड़ा सहारा थी| वह माता रानी और साईं बाबा और सभी देवी-देवताओं से भी प्रार्थना कर रही थी| वह सभी बातों से अवगत थी।

मार्च 2008, हमने बाबा से प्रार्थना की, कृपया हमारी मदद करें और अब समस्याओं को हल करें, अब हमें सहन करना मुश्किल है। कृपया मदद करें और लगातार लोडी साईं मंदिर गए, 11 दिनों तक लगातार जाने का फैसला किया। एक दिन मेरी माँ ने बताया कि जब तक मेरा, भाई वापस नहीं आएगा, हम लगातार जाएंगे, बाबा ने मेरी विनती सुनी और भाई ने उड़ान भरना शुरू कर दिया | धन्यवाद बाबा

मई 2008, अब, यह प्रशिक्षण में दूसरी परीक्षा का समय था। वह बहुत डर गया था क्योंकि उसका प्रशिक्षक अच्छा नहीं था और समस्याएं पैदा कर रहा था। मैंने अपने भाई से कहा कि बस अपना सर्वश्रेष्ठ करो और विश्वास करो। आप निश्चित रूप से गुरुवार को ही परीक्षा क्लियर करेंगे और बाबा ने समस्या का समाधान किया और हमारी मदद की| धन्यवाद बाबा|

जून 2008, इस महीने में भी समस्याएँ हुईं, उड़ान का समय निर्धारित नहीं था, प्रशिक्षक बार-बार बदल रहा था। हर चीज उसके दोस्तों के साथ अच्छी थी और समस्याएं केवल उसके लिए थीं| वह बहुत थका हुआ था| हमने 25K रुपयों का ऋण लिया था और EMI की शुरुआत हो चुकी थी। मेरा भाई चिंतित था, मेरे पिताजी कैसे पैसे का भुगतान करेंगे। मेरी शादी के कारण भी चिंतित था| अचानक लोग कहने लगे की बाजार में पायलट के लिए कोई नौकरी नहीं है| मेरे परिवार को यह कहा जाता था कि अगर उसे नौकरी नहीं मिली तो वह क्या करेगा। उनके करियर से जुड़ी सभी समस्याएं हमारे दिमाग में आ रही थी|

उसे 23 जून, 2008 से पहले भारत आना था। उनका ओपन फ्लाइंग टिकट केवल एक वर्ष के लिए वैध था। उस समय आर्थिक तंगी के कारण हम टिकट खरीदने में असमर्थ थे।

अब वह पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए सिर्फ 10 फ्लाइंग क्लास बच गया था और हम खुश थे कि वह 31 जुलाई 2008 को वापस आ जाएगा। हर कोई बहुत खुश था, और अचानक विमान ने काम करना बंद कर दिया और कॉलेज के अधिकारियों के अनुसार, विमान कम से कम एक महीने के लिए उड़ान नहीं भर पाएगा या मरम्मत के बाद भी 31 जुलाई से पहले पाठ्यक्रम पूरा करने की संभावना बहुत कम थी| हम बुरी स्थिति में थे और हमारा दिल चकनाचूर हो गया| कई स्थानों पर कुंडली दिखाई, कोई भी हमारे पक्ष में नहीं था| लोग कहते थे कि वह पाठ्यक्रम पूरा किए बिना आ जाएगा| बस जैसे जीवन खत्म हो चुका था ।

लेकिन मैंने अपना भरोसा नहीं खोया| मैंने बाबा से प्रार्थना की| और उन्होंने हमारी बात सुनी| मुझे पूरा यकीन था कि उसका विमान एक हफ्ते के भीतर वापस आ जाएगा और मेरा भाई पूरा कोर्स कर लेगा|

बीच में एक चमत्कार भी हुआ। मेरे माता-पिता हर सुबह माता रानी की आरती में शामिल होते थे । एक दिन हम सब सुबह में उसी में शामिल होने जा रहे थे। एक काले कुत्ते ने हमारे घर पहुंचने तक हमारा पीछा किया (वह हमारे भवन में प्रवेश करने के लिए कई अन्य कुत्तों से लड़ता रहा)। मेरा निवास मन्दिर से लगभग 2 किमी दूर है। हमारे यहाँ दूध था जिसे हुमने उसे पिलाया और उसने किसी को नुकसान पहुँचाए बिना चुपचाप वहाँ से निकल गया।

उसके बाद सभी समस्याओं का हल निकाल निकलता जा रहा था और मेरा भाई 26 अगस्त को घर वापस आ गया ।

इन बातों से 9 गुरुवार के उपवास की महिमा भी सही साबित होती है। हमारे 5 वें साईं व्रत पर ही खबर मिली कि मेरा भाई वापस आ रहा है।

उन्होंने मेरी इच्छा को स्वीकार किया और पूरा किया| आज मैं, मेरा परिवार, मेरा भाई हम सब एक साथ हैं और जीवन का आनंद ले रहे हैं| बाबा ने हमारी मदद की, हमारे सभी दुखों से बचाया| धन्यवाद एक लाख बाबा|

मुझे पता है, नौकरी, लोन, घर, मेरी शादी और सभी से जुड़ी बाकी समस्याएं, बाबा हमारा मार्गदर्शन करेंगे और हर चीज को हल करेंगे| बाबा अग्रिम धन्यवाद।

जय साईं राम
[line]
Translated By Ram Transliterated By Supriya


© Sai Teri Leela - Member of SaiYugNetwork.com

No comments:

Post a Comment