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आचल: बाबा का राखी का उपहार - प्रेमी से विवाह

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Sai Baba's Rakhi Gift To Me - Devotee Experience Anchal से अनुवाद

किस तरह शिरडी साईं बाबा अपने भक्तो को अपनी तरफ खीचते है ये कभी कोई नहीं जनता। वे सब कुछ करने वाले है और अंतिम परिणाम भी उनके अन्तरात्मा में उनके भक्तों के प्रति प्रेम और देखभाल के अनुसार ही होते है। वह पहले हमारी परीक्षा लेते है और उसके बाद हमारी सहायता करते है। शिरडी साईं बाबा की एक महिला भक्त ने इस निम्नलिखित घटना के द्वारा इस बात पर अधिक प्रकाश डाला है। उन्होंने स्वयं इस अनुभव का शीर्षक दिया है की "बाबा की राखी का उपहार मेरे लिए"।

ॐ साईं राम

पहली बार मैं इस ब्लॉग में कुछ पोस्ट कर रही हु। यह बाबा का सबसे प्यारा चमत्कार है मेरे जीवन में, एक अप्रत्याशित घटना हुई थी जहा मैंने अपनी सारी आशाएं खो दी थी।

यह अप्रैल 2007 की बात है जब मैंने बाबा की पूजा और उनपर विश्वास करना शुरू किया क्योंकि मेरी एक सहेली ने मुझे ऐसा करने का सुझाव दिया था, ताकि मुझे जीवन के सभी आपत्तियों से छुटकारा मिल सके। और उस समय मेरा सबसे बड़ा दुःख मेरे प्रेम सम्बन्ध के बारे में था। पिछले तीन सालों से जिस लड़के से मैं बोहुत प्यार करती थी, उसने मुझसे शादी करने से इनकार कर दिया था, जबकि 20 दिन पहले ही उसने मुझे प्रोपोसे किया था। वह अपने रूढ़िवादी परिवारवालो को समझाने में असक्षम रहा कि वे मुझे स्वीकार करे और उनका परिवार नहीं चाहता था कि वह एक प्रेम विवाह करे।

बिखरे और पूरी तरह से टूटे हुए मन से भी मैंने अपने प्यार को जाने नहीं दिया और उसके लिए प्रतीक्षा करने का निश्चय किया। हम अपने रिश्ते को उसी प्रकार जारी रखते रहे, जैसा दो प्रेमियों के बीच होना चाहिए। एक-दूसरे के लिए हमारा प्यार दिन-प्रतिदिन-दिन बढ़ता जा रहा था और इस रिश्ते के लिए मेरी चिंता भी बढ़ रही थी। मैं उसे कभी नहीं छोड़ सकती थी क्योंकि मैं उसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकती थी। और वो ही इस संबंध को जारी रखना चाहता था जब तक कि वह अपने माता-पिता की पसंद की लड़की से शादी न करे, जबकि मैंने किसी दुसरे से शादी करने से इनकार कर दिया था। फिर भी वह कभी भी मुझसे शादी करने के बारे में सोचने की हिम्मत नहीं कर सका।

यह अप्रैल 2007 की बात है कि मेरी एक प्रिय सहेली, वह साई भक्त है उसने बाबा की तरफ मेरा ध्यान बटाया और मुझे साई चरित्र के परायण करने के लिए कहा। मैं बाबा के बारे में पूरी तरह से अपरिचित थी, पर मैंने साई चरित्र पढ़ी और एक सप्ताह में पूरा करी। इसे पढ़ते समय, मेरी आँखों में कई बार आँसू निकले और मुझे विश्वास था कि बाबा ही एकमात्र है जो मेरी सहायता कर सकते हैं और मेरी नियति को फिर से बदल सकते हैं।

यही बाबा की तरफ मेरा पहला कदम था। जैसा कि बाबा ने कहा है, आप मेरी तरफ एक कदम बढाओगे तो मैं आपकी ओर दस कदम बढाऊंगा । तब से बाबा के प्रति मेरी श्रद्धा और विश्वास बढ़ता गया और मैंने उन्हें हमेशा मेरे बड़े-छोटे हर विषयो में मदद करता हुआ पाया। मैं उनकी एक अनन्य भक्त बन गयी और विश्वास करना शुरू कर दिया कि चाहे जो भी हो, बाबा निश्चित ही मेरी उस लड़के से विवाह करवाएंगे जिसे मैं प्रेम करती हूँ।

मैं नहीं जानती थी कि बाबा ये कैसे करेंगे लेकिन वह करेंगे... यह मेरा विश्वास था ... एक अंध विश्वास।

जैसे ही दिन बीतते गए, मुझे आशा की कोई किरन तक नहीं दिखी। उसकी तरफ से मुझसे शादी करने का कोई संकेत नहीं दिख रहा था। बल्कि वह यह योजना बनाता था कि किसी दूसरी लड़की से शादी के बाद हम दोनों एक दुसरे के बिना कैसे रहेंगे। हर दिन मैं उसकी बातें सुनती और शांत बैठी रहती। बिना उसे उत्तर दिए या बिना उससे नाराज़ हुए ...। केवल मेरे बाबा में विश्वास रखकर मैं अपनी इच्छा पर कायम रही... केवल पूरी तरह से बाबा में भरोसा और उनमें अंध विश्वास था जो मुझे प्रेरित करता रहा।

फरवरी 2008 में उसने कहा कि वह छह महीने के लिए मुंबई और चेन्नई में व्यापारीक यात्रा के लिए जा रहा है (मैं दिल्ली से हूँ) और वह मुझे फोन नहीं करेगा या मुझसे बात नहीं करेगा क्योंकि वह केवल अपने कारोबार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हैं ... और उसे एक साल या दो साल तक लग सकते हैं। और यह भी हो सकता है कि वापस भी ना आए।

मेरी आँखों से आंसू बहते ही जा रहे थे , मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ... मैंने हमेशा की तरह बाबा से प्रार्थना करना शुरू कर दिया और साईं सत्चरित्र को छह महीने तक पढ़ाने का फैसला किया, जब तक वह वापस नहीं आ जाता। बाबा से मैंने प्रार्थना करी कि मेरी उससे छह महीनों के बाद शादी करवा दीजिये, या कम से कम उसके साथ रिश्ता पक्का करा दीजिये । उस दिन से मैं हर दिन साईं सत्चरित्र पढने लगी और आश्चार्य की बात ये है बाबा की कृपा से, वह एक महीने के भीतर ही वापस आ गया और वो भी उसके मन में मेरे प्रति प्यार के साथ। बाबा की कृपा से उसके मन में मेरे प्रति दिन-प्रतिदिन-दिन प्यार बढ़ता गया।

इस साल जुलाई में वह अपने परिवार वालो के साथ शिर्डी गया। मैंने बाबा से प्रार्थना की कि कृपया साईनाथ ... उससे और उसके परिवारवालो से हमारी शादी के बारे में बात करें, जैसा कि पिता अपनी बेटी के लिए करता है। और शिरडी से लौटने के करीब 20 दिन बाद यह घटना हुई।

15 अगस्त (2008) को मैं उसके साथ घूम रही थी और जब हम घर लौट ही रहे थे, उसके भैया ने उसे फ़ोन कर के कहा कि वह घर पर जल्दी पहुंचे। इसलिए उसने मुझे आधे रास्ते तक छोड़ा और मै मेट्रो से अपने घर के लिए जा रही थी । मैंने मेट्रो स्टेशन से अपने घर तक पोहुचने के लिए रिक्शा की। लगभग रात के 9 बजे थे और स्वतंत्रता दिवस के कारण सड़के सुनसान थी । लड़कों का एक झुण्ड मेरा पीछा कर रहा था और दुर्व्यवहार करने की कोशिश करना चाहता था, उनमें से एक ने मुझ पर हमला करने की भी कोशिश की। मैं कोई भी प्रतिक्रिया करने के लिए बहुत डर रही थी मैंने तुरंत ही उसे फ़ोन किया। वह रात के उस समय मेरे साथ ना होने और मुझे घर तक ना छोड़ने के कारण बहुत अफ़सोस कर रहा था।

उसी रात उसके पिता ने उससे कहा कि उसे 18 को चेन्नई जाना होगा और कम से कम एक साल के लिए व्यावसायिक प्रयोजन से उसे वही रहना होगा । इस घटना के कारण मैं पहले से ही बहुत डरी हुई थी और जब उसने मुझे बताया कि वह एक साल के लिए चेन्नई जाएंगे और इस बीच मुझ से बात भी नहीं करेगा, तब मैं और परेशान हो गयी।

अगली सुबह, राखी का दिन था, और मैं हमेशा की तरह पूजा कर रही थी और साईं सत्चरित्र पढ़ रही थी। अचानक मेरे मन में विचार आया की आज बाबा को मुझे राखी बाँधना चाहिए। जैसे ही मैंने ये सोचा, लगभग उसी समय उसका फ़ोन आया.. और उसने वो कहा जिसकी मुझे सपने में भी उम्मीद नहीं थी ... उसने कहा कि वह हमारे बारे में उसके पिताजी से बात करेगा ... और चेन्नई से लौटने के बाद वह किसी भी तरह मुझसे शादी करने की कोशिश करेगा। वह पिछली रात की घटना के बाद बहुत डर गया था और उसे मुझे खोने का डर हो गया था... यह एक चमत्कार था..मेरे बाबा का सच्चा चमत्कार। जो मैं पिछले तीन सालों से प्रार्थना कर रही थी..बाबा ने मेरी इच्छा पूरी की। यह वास्तव में मेरे लिए बाबा की तरफ से राखी का उपहार था...मैं बिलकुल मंद पड़ गयी, मेरी आँखों में आंसू आ गए और मैं बाबा की तस्वीर को देखकर धन्यवाद् देती रही। मैं यकीन से कहती हूँ कि श्रद्धा और सबूरी बाबा के करीब जाने के दो माध्यम हैं।

यह मेरे जीवन में बाबा का सबसे बड़ा चमत्कार है । जैसा कि मैंने बाबा से प्रार्थना की थी, यह चमत्कार ठीक छह महीने के बाद हुआ!!! बाबा को बहुत-बहुत धन्यवाद। बाबा आप जानते हैं कि मैं कभी भी आपके प्रति मेरा आभार व्यक्त नहीं कर सकती। आप मेरी जीवन का आधार हो बाबा... कृपया हर कदम पर मेरे साथ रहो और मुझे आपके चरण कमलो में हमेशा रहने दो ...

मैं जानती हूँ कि बाबा सभी बाधाओं और कठिनाइयों को दूर करके हमारी शादी भी तय करेंगे और वह जल्द ही होगा। कृपया बाबा हमारे परिवारवालो को समझाइये कि हम एक दूसरे से कितना प्यार करते हैं और एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते हैं। कृपया साईं नाथ, मैं आपसे प्रार्थना करती हूं कि मेरी उससे जल्द ही शादी करवा दीजिये ... और बीच में आनेवाली सभी बाधाओं को हटा दीजिये।

हम अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रहे हैं। केवल आप ही हो जो कुछ भी कर सकते हो और हम से कुछ भी करवा सकते हो... कृपया हमारी मदद करें साईं नाथ । ॐ साईनाथाय नमः ..

[line] Translated By Rinki Transliterated By Supriya


© Sai Teri Leela - Member of SaiYugNetwork.com

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