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साईं भक्त भूषण: साईं बाबा ने दुर्घटना से बचाया

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Sai Baba Saved From Accident - Experience of Bhushan से अनुवाद

साईं भक्त भूषण जी ने, जीवन में, शिर्डी साईं बाबा की कई लीलाओं का अनुभव किया। इस ब्लॉग के माध्यम से वे अपने सारे अनुभव साझा करेंगे, नीचे दिया गया उनका अनुभव उनकी ओर से पहला योगदान है। शिर्डी साईं बाबा की कृपा उन पर और उनके परिवार पर सदा बनी रहे।

हेतल जी,

साईं राम,

मुझे कई अनुभव हुए हैं, उनमें से एक आपको पहली बार भेज रहा हूँ- कृपया आवश्यकतानुसार संशोधन करें। बाबा की कृपा से मुझे मेरे जीवन में कई चमत्कार एवं दिव्य अनुभव हुए। मैं समय-समय पर उन सभी को हेतल जी की मदद से भेजूंगा। लेकिन आज मैं नवीनतम अनुभव भेज रहा हूँ जो हाल ही में 18 सितम्बर 2008 गुरुवार को हुआ – मैं, बाबा की कृपा से ही इसे लिख रहा हूँ। दो कारणों से

- 1- उनकी कृपा के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता। उनकी आज्ञा और उनके द्वारा प्रदत्त शक्ति के बिना हम कुछ भी नहीं कर सकते। कुछ भी नहीं !!!

2 - मैं उनकी सर्वोत्तम कृतियों के बीच रहा हूँ।
मैं आईओसीएल. में बड़ोदा, गुजरात में काम करता हूँ। 18 सितम्बर 2008 गुरुवार की बात है। ठीक सुबह 8 बजे मैं ऑफिस के लिए निकला। मैं सामान्यतः बाइक से ऑफिस जाता हूँ। मेरे घर से ऑफिस 7.5 किमी. दूर है इसलिए, यदि आराम से जाएँ तो लगभग आधा घंटा पहुँचने में लगता है। मैं हमेशा विश्वास पूर्वक, एक-समान गति से चलता हूँ। मेरी एक बहुत पुरानी आदत है कि जब भी मैं गाडी चलाता हूँ या पैदल चलता हूँ तो कोई भी भजन, धुन या प्रार्थना गुनगुनाते हुए ही आता-जाता हूँ।

इन क्षेत्रों में बहुत ज्यादा ट्रैफिक होता है क्योंकि सारी नामी-गिरामी, बड़ी-बड़ी रिफाइनरी, उद्योग और बहु-राष्ट्रीय कंपनी जैसे- रिलायंस, आईपीसीएल, आईओसीएल, जीएसएफसी आदि इसी दिशा में हैं। तो सभी कर्मी और यातायात इसी सड़क से होकर गुजरता है। यह सड़क हमेशा स्कूटर, बाइक, कार, जीप और बस आदि से अटी पड़ी रहती है ।

उस दिन भी सब कुछ सामान्य और नियमित ही था। मैं स्टार प्लस के, साईं बाबा टी वी सीरियल की पंक्तियाँ गुनगुना रहा था-
"शिर्डी में रहकर भी तेरा, कण-कण में वास है, कोई पास होके दूर हो, तू सबके पास है ।"
इस रास्ते के बीच में कई देवी-देवताओं के मंदिर भी हैं। पिछले साल श्री साईं नाथ मंदिर भी इस परिसर में बनाया गया। जब मैं मंदिर की भीड़ के ठीक उलटी दिशा में था (क्योंकि गुरुवार था और बहुत सारे भक्त थे) मैंने एक गाय को देखा जो कि एक फूल बेचने वाले के फूल और अन्य खाद्य सामान खाने लगी, जो वह विक्रेता दर्शनार्थियों को बेचने के लिए मंदिर के गेट के बाहर रखकर बैठा था ।

अपना सामान बचाने के लिए एक महिला ने गाय को पीटना शुरू कर दिया (कृष्ण भगवान के प्रिय पशु!!! सबको सम्मति दे साईं राम") तभी अचानक वह सड़क की ओर दौड़ पड़ी। सड़क पर बहुत ज्यादा ट्रैफिक था। अब आप ही कल्पना कीजिये कि क्या हुआ होगा? एक चालक ने खुद को बचाया, लेकिन दूसरा डिवाईडर के पास जाकर बाल-बाल बचा। स्थिति बहुत ही गंभीर थी मेरे लिए और मैंने भी खुद को किनारे किया और बचाया। लेकिन कुछ ही क्षणों में एक और चालक आकर मुझसे बुरी तरह टकराया, जबकि मेरी गलती नहीं थी। मैं सिर्फ 30-35 किमी की गति से चला रहा था इसलिए बहुत धीरे से, नीचे जमीन पर गिरा। मुझे सब कुछ महसूस हो रहा था। मेरी बाइक हालाँकि मुझे से 10 फीट दूर पड़ी थी। उस समय मेरे मुख पर और दिल में सिर्फ एक ही शब्द था--- साईं साईं साईं साईं --- इस स्थिति तक कुछ भी नहीं हुआ था, मै आपसे सहमत हूँ, क्योंकि अभी असली घटना बाकी थी .... सबसे खतरनाक बात यह हुई कि एक बड़ी स्टाफ बस मुझे कुचलने को तैयार थी। उस बस के बड़े-बड़े चक्के, मेरे सिर से ठीक 1 फीट की दूरी पर थे !!! बस ने बुरी तरह ब्रेक लगाया !!! ओह साईं, आप अपने भक्तों की उनके सभी दुर्भाग्यों में कितनी ज्यादा मदद करते हैं !!! साईं दयालु साईं कृपा सिन्धु !!

कृपया उस हालत की कल्पना कीजिये और साईं प्रभु से प्रार्थना कीजिए, उन सभी लोगों के लिए जो कि ऐसी दुर्घटना में बच जाते हैं .... वहां लगातार 6 मंदिर बने हुए थे, लेकिन जहाँ मैं गिरा था, साईं नाथ भगवान का मंदिर और उनके मुख की मधुर मुस्कान ठीक मेरे सामने थी !!! जब तक मेरी आँखे बंद न हो गईं ... (मैं कुछ क्षणों के लिए बेहोश हो गया था) वे कह रहे थे "चिंता मत करो"। हालाँकि यह बहुत बड़ी घटना थी, फिर भी मुझे कोई भी बड़ी चोट जैसे हड्डी टूटना, सर पर चोट या बड़ी समस्या नहीं हुई वरना इस स्थिति में मृत्यु भी हो सकती थी !!! मेरी गाडी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन मैं??? सिर्फ एक छोटी सी खरोंच और हल्का सा दर्द...

जाको राखे साईंया मार सके न कोई...
आखिरी और अंतिम....
जब मुझे होश आया, मैंने तुरंत भगवान श्री साईं नाथ को, अविश्वसनीय सुरक्षा के लिए और मेरे पुनर्जन्म पर दर्शन देने के लिए धन्यवाद दिया... मैंने एक सफ़ेद छाया देखी जो कि तेज़ी से सड़क से होकर मंदिर की ओर गई और एक ही क्षण में बाबा की मूर्ति में लीन हो गई !!! मैं यह सब देखकर बिलकुल नि:शब्द, चकित और शांत रह गया !!! मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता, लेकिन मैंने पूरी कोशिश की है । साईं सबकी रक्षा करें। सबका सदा सर्वदा मंगल हो !!!

"वह जो मेरी समाधि में आता है, उसके सब दुःख और कष्ट दूर हो जाते हैं "।

हम सभी अपने बाबा में विश्वास रखें, जो सर्व-शक्तिमान, सर्व-व्यापी हैं, प्रथम व अंतिम हैं, जो जीवन प्रदान करते हैं और अंत निर्धारित करते हैं। जो वृहत समृधि प्रदाता हैं और केवल वे ही ख़त्म हुई आशाओं को पुनर्जीवित करते हैं । हम सभी साई में विश्वास रखें और आशाएं न त्यागें, धैर्य पूर्वक् प्रतीक्षा करें। बाबा अवश्य ही हमें हमारे कष्टों को दूर करने का मार्ग निर्मित करेंगे। हम सदा बाबा के वचनों पर विश्वास रखें !!!

श्री सद्गुरु साईं नाथ महाराज की जय !!!



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