Sunday, June 17, 2018

सतीश जी और उनकी दोस्त

Devotee Experience - Two Friends से अनुवाद

जैसा कि पिछले पोस्ट में मैंने लिखा था , मैं सतीश जी और उनकी दोस्त का अनुभव पोस्ट कर रही हूं जो बहुत ही दिल छू लेने वाला है।

मैं आप सभी के साथ अपने अनुभव को बाँटना चाहूंगा। कृपया इसे पढ़ने के लिए कुछ समय ले , क्योंकि यह थोडा लंबा पोस्ट है। मैं साई बाबा का बोहत बड़ा भक्त हूं। कृपया सभी साई में विश्वास रख कर देखिये और आपकी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। जब उन पर विश्वास करना शुरू करोगे तो आप अपने जीवन में चमत्कार होते हुए देखोगे, आपको शांति और खुशी मिलेगी। मैंने पिछले एक साल से ही उन पर विश्वास करना शुरू किया है वो भी मेरे एक मित्र के द्वारा। इससे पहले मैं कभी उन पर विश्वास नहीं करता था साईं में विश्वास करने के बाद मेरा जीवन पूरी तरह बदल गया है। मैं आपको अपने सभी अनुभवों को बताना चाहता हूं .....



मेरी ‘सितारा’ नाम की एक बहुत अच्छी दोस्त है, हम दोनों बोहत अच्छे दोस्त हैं मैं उसे पिछले 15 महीनों से जानता हूं हम दोनों एक ही ऑफ़िस के लिए काम करते है। हम शुरुआत में उतने अच्छे दोस्त नहीं थे , पर पिछले 4 महीने हम दोनों काफी करीबी दोस्त बन गए हैं। मेरे माता-पिता के बाद मेरे जीवन में अगले महत्वपूर्ण व्यक्ति सितारा है। वह मेरा सच्ची दोस्त है पर वह पूरी नास्तिक थी। उसने कभी भगवान में विश्वास नहीं किया वह विश्वास करती है परन्तु ज्यादा नहीं और साईं बाबा में तो --- उसने कभी विश्वास नहीं किया। इसलिए मैंने फैसला किया था कि मैं उसे साईं भक्त बना दूँगा। मैं उसके सामने साईं बाबा के बारे में बात किया करता था। मैं उसे सई की फोटो और सीडी नियमित रूप से देता था पर उसने उन चीजों पर कभी ध्यान ही नहीं दिया। लेकिन मैंने उम्मीद नहीं खोइ , मैंने ये निश्चित किया था कि मैं उसे साईं भक्त बनाकर रहूँगा। वह सारी समस्याओं को मेरे साथ बंटती थी । वह हमेशा मुझसे छोटे भाई के जैसा व्यवहार करती थी। वह कैलिकट (केरेला) की रहने वालो थी और वहा से उसके लिए शादी के कई प्रस्ताव आ रहे थे, लेकिन उसको किसी में दिलचस्पी नहीं थी। एक महीने पहले वह एक पारिवारिक विवाह के लिए गई थी और वहां उसने एक लड़के को देखा था। उसका नाम नितिन है उसे वो बहुत पसंद आया। बेंगलुरु आने के बाद उसने मुझसे कहा कि उसे एक लड़का बहुत पसंद आया है । मैं बहुत उत्साहित और खुश था। सितारा और नितिन दोनों ने एक दूसरे से बात-चित शुरू की और एक रिश्ते में प्रवेश किया। वे दोनों पारिवारिक मित्र थे, इसलिए वे एक-दूसरे को जानते थे लेकिन वह पहले कभी करीब नहीं आये थे।

नितिन ने जाकर अपने माता-पिता को बताया कि वह सितारा को पसंद करते हैं। लेकिन उसके माता-पिता इस रिश्ते के लिए सहमत नहीं हुए। वे इस रिश्ते के पूरे विरोध में थे। अगले दिन ( मंगलवार को), सितारा मेरे पास आई और कहा कि नितिन के माता-पिता इस रिश्ते से सहमत नहीं हैं, वह बहुत परेशान थीं और मैं भी परेशान था क्योंकि वह नितिन को बोहत पसंद करती थी। उसने मुझे एक बार कहा था कि वह नितिन को छोड़कर किसी और से विवाह नहीं करेगी। मैंने उससे कहा कि वह परेशान न होए और साईं में विश्वास करे। मैंने उससे कहा कि साईं में विश्वास करो तो तुम्हारी सारी चिंताए दूर हो जाएगी। मैंने उसे बोहत पहले साईं सत्चरित्र दिया था, लेकिन उसने कभी पढ़ा नहीं। इसलिए मैंने उसे इस किताब को पढ़ने और साईं से प्रार्थना करने के लिए कहा। उसने सच्चे दिल से साईं से प्रार्थना की और उस किताब को भी पढ़ना शुरू कर दिया। पहले मैं हमेशा साईं मंदिर जाने के लिए उसे फोन करता था लेकिन वह कभी नहीं आती थी।

यह सब मंगलवार को हुआ और मैं उसे गुरुवार को साई बाबा के मंदिर में ले गया। उसने सच्चे दिल से साईं से प्रार्थना की, मंदिर के अंदर साईं की प्रतिमा देखते ही उसे रोना आ रहा था । उसी दिन नितिन भी कैलिकट में साईं मंदिर गया था, उन्होंने भी सच्चे दिल से साईं से प्रार्थना की। अगले दिन सितारा मेरे पास आई और उसने बताया कि नितिन के माता-पिता शादी के लिए मान गए हैं। मैं बहुत खुश और उत्साहित हुआ, साई बाबा के आशीर्वाद के बिना यह बिल्कुल संभव नहीं था। दोनों के माता-पिता ने शादी के लिए सहमति दी और तुरंत ही सगाई की तारीख भी निश्चित हो गई। यह सब, कुछ ही दिनों में तय हुआ। नितिन के माता-पिता मंगलवार को सहमत नहीं थे और गुरुवार को उन्होंने सहमति दे दी... क्या यह आश्चर्यजनक नहीं है ????? और नितिन के माता-पिता भी साई बाबा के भक्त हैं। अब सितारा भी साईं बाबा में विश्वास करती हैं। साईं में सितारा को विश्वास कराने में मुझे 2 महीने लग गए, तो कृपया कर अपने सभी दोस्तों को साईं के बारे में बतान शुरू करे। उन्हें साईं के बारे में सबकुछ बताएं और उन्हें साईं में विश्वास दिलाये । यह मुश्किल है, लेकिन उम्मीदें कभी नहीं खोना। अब सितारा बहुत खुश है और उसकी सगाई 27 जून को हो चुकी है। यह अविश्वसनीय है कि कैसे चीजें अचानक बदल गई।

एक दिन अचानक एक विचार मेरे मन में आया कि कोई मुझे से दक्षिणा मांग रहा है , कोई मुझे कह रहा था, "अब जब सितारा की समस्या का समाधान हो चूका है, तो मेरी दक्षिणा काहा हैं"? मुझे 1 रुपये चाहिए।" यह हमारे साईं के अलावा कोई और न था । तुरंत की मैंने सितारा को फ़ोन किया और कहा कि वह साईं बाबा की फोटो के समक्ष 1 रुपये रखे। मैंने साईं से प्रार्थना की थी कि अगर सीतारा और नितिन एकजुट होते हैं, तो मैं चलकर उनके मंदिर में आऊंगा। मेरे घर से साईं मंदिर 15 किलोमीटर की दूरी पर है। मैं उस 1 रुपये को लेकर चलकर साईं मंदिर गया। मैंने शाम 4 बजे चलना शुरू किया और शाम आरती के समय (06:00 बजे) तक पहुंचा, मैंने हुंडि में वह 1 रुपए डाला और वापस आ गया।

कृपया साई में विश्वास करें ... वह निश्चित रूप से आपकी मदद करेंगे। मैं साईं बाबा का हमेशा ऋणी रहूगा क्योंकि मेरी दोस्त जो कुछ भी चाहती थी उन्होंने उसे दिया और उसकी मदद की। अब सितारा के माता-पिता और नितिन के माता-पिता दोनों साईं बाबा में विश्वास करते हैं.... मुझे बोहत सुकून और ख़ुशी है कि मैंने उन सभी को साई की महानता का एहसास करवाया। मैं अपने जीवन में हमेशा साईं के बारे में लोगों को बताता रहूँगा.... कभी भी किसी को चोट नहीं पोहचाइये और हमेशा दूसरों की मदद करे और साई आपकी मदद करेंगे... साई में विश्वास करें और आपकी सारी चिंताएँ दूर हो जायेगी , साईं में विश्वास करने के बाद मेरी सारी समस्याएं हल हो गईं हैं। कभी भी अपने लिए साई से कुछ नहीं मांगना, क्योंकि साई को पता है की आप क्या चाहते हो और क्या नहीं चाहते, और वह आपको सारी खुशी देंगे

ॐ साई राम

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Translated and Narrated By Rinki Transliterated By Supriya

© Sai Teri Leela - Member of SaiYugNetwork.com

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