Friday, June 1, 2018

साईं भक्त मंजू जी के स्वप्न के अनुसार पहला साईं नाम जाप ग्रूप बना


The First Sai Naam Jaap Group Forms With Dream To Sai Devotee Manju से अनुवाद
तो, प्रिय भक्त पाठकों, अब आप जानते ही हैं कि कैसे भगवान साईं बाबा ने साईं भक्त राखी जी को "नाम जाप" के लिए आदेश दिया था। सारी परिस्तिथिया स्वयं ही निर्दिष्ट स्थान पर पोहच गयी, पर और भी काफी कुछ होना बाकि था। आइए अब एक और अन्य साईं भक्त मांजू जी के अनुभव की ओर बढ़ते है जिन्होंने चौबीसों घंटे (24 x 7) नाम जाप के इस विचार को वैश्विक (global) स्तर पर ज्वलंत मशाल की तरह जलाये रखने का प्रयास किया।
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ॐ साईं राम

मैं बैंगलोर से मांजू हिरेमठ हूं। मेरे जन्म से पहले से ही मेरे पिता एक साईं भक्त थे। जिसके परिणाम स्वरुप, बचपन से ही हम ऐसे माहौल में बड़े हुए जहा बाबा के प्रति हमारे मन में अत्यधिक प्रेम और भक्ति उत्पन्न हुई। मैं अपने पिता को इसके लिए धन्यवाद देना चाहती हु और मेरे पिता हमेशा हमें आश्वस्त करते थे कि बाबा हमेशा हमारे साथ है। हम नियमित रूप से रोजाना स्नान करने के बाद उदी लगाकर पूर्ण समर्पण के साथ सच्चे मन से बाबा की पूजा करते थे। हमारे जीवन में हर कदम पर साईं बाबा ने कई चमत्कार किये है।


हमने हर गुरुवार को 24 घंटे और रामनावामी, गुरुपुर्णिमा और विजयदाश्मी के दौरान नाम सप्ताह -- यानी लगातार एक हफ्ते तक साईं के नाम का जप करना -- के विचार से साईंनाम जाप ग्रूप बनाया था, क्यूंकि यह सभी उत्सव शिर्डी में धूमधाम और उत्साह से मनाए जाते हैं। ऐसा करने का विचार मेरे मन में बाबा ने ही डाला था। यह 2016 में व्हाट्सएप ग्रुप के रूप में शुरू हुआ जिसमें मेरे कुछ मित्र और रिश्तेदार शामिल थे, जहां हम साईं के नाम को लिखकर जप करते थे। हालांकि, टाइपिंग करना अपने आप में ही तकनीकी चुनौतियों थी और यह बेढंगी और बोझिल हो रही थी। एक दिन मैंने महसूस किया की जिस उद्देश्य से हमने सेवा शुरू की थी उसे पूरा नहीं कर पा रहे थे हम, कुछ भक्तो के विरोध करने के और कुछ के अनुरोध करने के बावजूद मैंने उस ग्रुप को हटा(delete) दिया। हालांकि, उसके बाद भी जाप करने की मेरे मन में काफी तीव्र इच्छा थी, और आखिर मुझे एक विचार आया कि हम प्रतिभागियों को साईं नाम लिखने के बदले में जाप करने के लिए कह सकते हैं और वह भी पूर्व-निर्धारित स्लॉट पर। यह हमारे लिए कुछ नया था और मैं इसके निष्पादन (excution) के लिए परेशान थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि मुझे लोगों को इसमें भाग लेने के लिए मानना था। इस विचार के बारे में मैंने एक साईं भक्त ग्रूप (यह ग्रुप 2014 में मेरी बहन अश्विनी ने गुरुवार को गुरुपुर्णिमा के दिन शुरू किया क्यूंकि साईं बाबा ने उसके सपने में आकर उसे ऐसा करने के लिए कहा था) में प्रस्ताव रखा। हालांकि मैं बोहुत विचलित थी क्यूंकि योजना के निष्पादन और उसकी सफलता के बारे में मुझे संदेह था कि इस बार यह सफल होगा के नहीं।

मैं मेरे एक सपने के बारे में बताना चाहूंगी, बाबा के आशीर्वाद से, मैं बोहत भाग्यशाली हु की मैं साई बाबा के मंदिर के पास के घर में रहती हु जो बेंगलुरू के प्रमुख इलाकों में से एक है। मैं नियमित रूप से उस मंदिर में 2 आरतियों में भाग लेती हु। उस रात भी मैं बोहुत परेशान थी और मैंने यह सपना देखा –

"मै उस मंदिर मे प्रवेश करती हूं और मैंने देखा की कई सारे लोग बाबा के नाम का जप कर रहे थे। मैंने बाबा की प्रतिमा की तरफ देखा तो बाबा मुझे देख कर मुस्कुरा रहे थे और उन्होंने मुझ से कहा की देखो सभी लोग कैसे एकजुट होकर जप कर रहे है। उस भीड़ में से कुछ चेहरे जाने-पहचाने थे और कई सारे अज्ञात लोग थे। सभी मेरी तरफ देखकर जाप कर रहे थे। बाबा की पूजा करने के बाद मैं घर लौट रही थी और तब भी मैंने देखा की सभी लोग मेरी तरफ देखकर ‘ॐ साईं राम’ का जाप कर रहे थे। मुझे अभी भी हर व्यक्ति के चेहरे याद है जिन्हें मैंने सपने में देखा था जो जाप माला लेकर ॐ साईं राम का जप करते हुए मेरी तरफ देख रहे थे ।

मैंने सुबह उठते ही यह मेंहसूस किया कि जैसे साईं सत्चरित्र में उल्लेख है वैसे ही यह बाबा की ओर से नाम जाप और नाम सप्तहा की ओर आगे बढ़ने का संकेत था। मैंने इस विचार के बारे में उन भक्तो को बताया जो साइराम साईंश्याम और साईं-दरबार नामक ग्रूप में थे। इस ग्रूप को मेरी सहेली नेहा ने शुरू किया था, जिसने मेरी काफी मदद की। तुरंत ही, दिन के सारे स्लॉट भारतीय समय के अनुसार आवंटित(alloted) हो गए थे। अब चुनौती मध्यरात्रि के स्लॉट को भरने की थी। एक करीबी साईं भक्त राखी बलवानी जी उन्होंने ने मध्यरात्रि स्लॉट को भरने में हमारी सहायता की जिनसे मैं बी.एम.पी परायण ग्रुप में मिली थी। उन्होंने तुरंत ही अमेरिका में कुछ लोगो से संपर्क किया जो भारतीय समय के अनुसार 12.00 बजे से 4.30 के स्लॉट में शामिल हो सके। इस प्रकार, बाबा की कृपा से पहला जाप समूह(group) 30 नवंबर 2017 को अस्तित्व में आया।

हालाकि मैं जनवरी 2018 को दूसरा ग्रूप शुरू करना चाहती थी किन्तु बाबा की इच्छा कुछ और थी। दिसंबर 2017 के पहले गुरुवार को ही पहला जाप शुरू करने में हम कामयाब रहे। पहले महीने का जाप एक परीक्षण के रूप में किया गया क्योंकि हम सभी इस प्रकार के अवधारणा(concept) के लिए नए थे। पहला जाप सुचारू रूप से हो गया। किन्तु, दूसरे जाप में विभिन्न कारणों से कुछ स्लॉट के लोग नाम जाप नहीं कर पाए।

इससे मैं बहुत विचलित हुई क्योंकि एक या दो भक्त जाप नहीं कर पाए और यह स्वीकार्य नहीं था कि जाप श्रृंखला में किसी एक के भी कारन बाधा आए। फिर से साईंबाबा मेरे सपने में आए और मुझे एक और जाप ग्रूप बनाने के लिए कहा। इसका मतलब था कि यदि एक ग्रूप में श्रृंखला टूट जाती है, तो दूसरा ग्रूप खाली स्लॉट की क्षतिपूर्ति करेगा। इस प्रकार दूसरा जाप ग्रूप बना जहां मेरी प्रिय मित्र राजलक्ष्मी जी ने मध्यरात्रि स्लॉट भरने में मेरी मदद की। और फिर दिसंबर 2017 को तीसरे सप्ताह तक, तीसरा जाप ग्रूप भी एक और अन्य प्रिय साईं भक्त-नितिन जी की मदद से बनाया गया।



अब तीन जाप ग्रूप हर गुरूवार को बिना किसी परेशानी के चल रहे थे। धन्यवाद् बाबा।

सुंदर लोगो और छवियों को बनाने के लिए अनमोल जी और मेघना जी को धन्यवाद।

समूहों की निगरानी में मदद के लिए अनमोल जी और मालथी जी को धन्यवाद।

उन सभी लोगों को भी धन्यवाद जो प्रत्येक जाप के सफल समापन के बाद अपने जीवन में हुए चमत्कारों को साझा करने के लिए आगे आए हैं। दूसरे ग्रूप के बाद मैंने फिर से सपना देखा कि नाम जाप पर कई ग्रूप होंगे। और निश्चित रूप से साई बाबा ही ऐसा करेंगे। साईं लीला वास्तव में अद्भुत है !!!

अगला आ रहा है: भगवान साईं बाबा के साथ बातचीत - साईं भक्त अर्चना को नाम जाप का संकेत


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Translated and Narrated By Rinki Transliterated By Supriya

© Sai Teri Leela - Member of SaiYugNetwork.com

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